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कृष्ण भजन

लौका सौसौ यार बनाए
तेरे मोटे-मोटे नैन मेरे ते जादू कर गए ने
सोनी बंसरी बजावे शाम निका जया
बचपन की यारी बड़ी प्यारी, चले आना बांके बिहारी
आज सखी ऐसो सजाइयो नंदलाल को
मुरली वाले दी मैं गई हा हो मुरली वाला मेरा हो गया
दही जब लाती होगी गुजरिया मेरे लिए
हथ खड़्तालां पैरा विच घुंघरू
आने से उसके आए बहार जाने से उसके जाए बहार
रथ ते सवार होके आजा मोहना, भगता नु दर्श दिखा जा मोहना,
मैनू शाम रंग हुन चढया
केक असा तेरे लई बनाया हारावालया
लख लख होन बधाइयां मेरे शाम घर आए
बैकुंठ में रहकर गिरधारी मुरली का बजाना भूल गए
कान्हा तेरा आया जन्मदिन
मेरी श्यामा गोरी गोरी श्याम मेरा काला
मनिहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया
तेरी मुरली बजे मेरी पायलिया
नंद के लाल आयो है
दिल के शीशे में तेरी तस्वीर है
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