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Bhajan Potli
LYRICS
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राखी गीत
सरकी सरकी सर से सरकी, आस लगी मोहे बस गिरधर की
भईया भी तू है मेरा बाबुल भी तू है दोनो रिश्तो की लाज निभाना
मेरी बिगडी बना दे तकदीर माॅ देदे रखडी बनन नू वीर माॅ
रंग बिरंगी राखी लेकर आई बहना
बंधा हुआ एक एक धागे में भाई बहन का प्यार
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