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शिव जी भजन

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भोले ने धोटी भांग जुल्म कर डारो
कण कण में ओम समाया है प्रभु कैसी तुम्हारी माया है
भोले नाथ तुम्हारे मंदिर में ये अजब नजारा देखा है
मै नित नित सगन मनावा व्याह मेरी गौरा दा
इक तारा वजदा नी सहेलियों गोविंद गोविंद कैंहना
भोले मैं ना चलूंगी तेरे साथ गंगा मैया यूं शिव से कहने लगी
यार दी यारी ते यारा नू है मान
दर उते आ गए ने भगत भोलेया
घोट घोट के पीलो बूटी शंकर जी दे नाम दी
आज भोलेनाथ की शादी है
Tu le bhole ka Naam Amrit barsega
मेला मेला मेला मेरे भोलेनाथ दा मेला
आ गई शिवरात भांग घोट लै नी गोरा
बैल पर सवार होके आजा भोलेया
कैलाश पे डमरु बजा कर देख लो
गौरा फेरे पढ़े भोले बाबा के साथ....
शिव के चरणों में करके बसेरा,लगा जीवन में खुशियों का ढेरा,
भोले तेरी आए याद भोले आ जाना
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
जय भोले भंडारी तेरे दरबार के सदके
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