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शिवरात्रि भजन

काज सवारे है तुमने भक्तों के,रखवाले,मतवाले, ओ मेरे भोले शंकर,
भोले बाबा कमाल कर बैठे वो तो गौरा से प्यार कर बैठे
नी मैं भोले संग जाणां नी चाहे लोग बोलियाँ बोले
गोकुल में आये त्रिपुरारी,बने है भोला सुंदर नारी
भगता ने पीती तुपका तुपका भोले ने पीती बाटे नाल
बैंड  नहीं  बाजा  घोडी  सजाई  है
भोले की बारात चली गज वज के सारयां ने भंग पीती रज-रज के
हो जाओ भोले बाबा तुम तैयार गोरा खड़ी लेकर फूलों का हार
अज पंग नू रगडा लादे नी गौरा
प्यारी सी गौरा को, मोह लियो रे, डमरू वाले बाबा
मेरे भोलया पा मंदरा वल फेरा,गौरा कहन लगी
गौरा केहंदी, केहंदी मैं नचना शंकर दे नाल
नी मैं भोले संग जाणां नी चाहे लोग बोलियाँ बोले
शिव तो सन्यासी है, गौरा तुम सुकुमारी हो
उडे जब-जब गौरा जी की चुनरी,कि भोले जी का दिल मचले
अज पंग नू रगडा लादे नी गौरा
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