top of page

अंबे तू है जगदंबे काली जय दुर्गे खप्पर वाली

​

बे तू है जगदंबे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली!
तेरे ही गुण गाए भारती ,ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती!!

तेरे जगत के भगत जनों पर ,भीड़ पड़ी है भारी !
दानव दल पर टूट पड़ो मां, करके सिंह सवारी !
सो सो सिंह से बलशाली, अष्टभुजा वाली!
दुष्टों को तुम ही संघ आरती!!
ओ मैया .....

मां बेटे का इस जग में है ,बड़ा ही निर्मल नाता !
पूत कपूत सुने हैं पर ना ,माता सुनी कुमाता !
सब पर अमृत बरसाने वाली, मन को हर्ष आने वाली!!
नैया भंवर से उब आरती !!
ओ मैया ......

नहीं मांगते धन और दौलत, ना चांदी ना सोना !
हम तो मांगे मां, तेरे मन में ,एक छोटा सा कोना!
सब पर करुणा बरसाने वाली ,विपदा मिटाने वाली!
ओ मैया.....

श्रेणी:

देवी भजन

स्वर:

श्वेता कनोड़िआ जी

bottom of page