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देवी भजन

Devi bhajan

शेरावाली उड़ गई मोर बनके
जोता वाली तेरी जोता दा कमाल देखया
भक्ता अंदर जाके देख अंदर जोत जगदी
के मैं होंदा दातिए मोर तेरे बागां दा
अज भकता दे दरबार मेरी माॅ आयेगी
दरबार तेरा मैया भक्तों ने सजाया है
सौन महीना आवे झूला झूलदी
मंदिर में बैठी मैया की आसान लगाइ के
पा लिया त्वानु पा लिया ज्योता दे नजारयां तो पा लया
असा मैया जी दे भवना नु जाना मैया दे नराते आ गए
मेरा मन हर लिया शेरावाली ने
जरा जोता ने जरा चुनिया नू चमका दे
कलयुग के महिषासुर के संहार के लिए
कड़े आज दतिए साडे वेडे
अख्खा थक गईयां तक तक राह इक वारी आजा दातिए
नाचेंगे सारी रात मां जगराते विच तेरे
मेरे घर का माँ दीप जलाये रखना मैया मेरी आचल उडाये रखना
मेरे अंगने में मां शेरावाली आई है
मेरा छोटा सा परिवार मैया आ जाओ इक बार
ए द्वारा मा दा द्वारा द्वारे दा अजब नजारा
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