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अज बांके बिहारी नाल नाचना पैरा विच का के घुंघरू

AJ bake Bihari nal Nachna para vich Pa ke ghungroo

अज बांके बिहारी नाल नचना पैरा विच पाके घुंघरू
राधा रमण बिहारी नाल नचना पैरा विच पाके घुंघरू

वज रहिया तालियां ते वज रहे ताल वे,
राधा गोपाल नच रहे गोपी ग्वाल वे
महारास का नजारा अज तकना पैरा विच पाके घुंघरू

संगता भगतां दे लगे अज मेले ने,
नाम दीवाने सब मस्त अलबेले ने,
नच लवो अज समा है सुलखना पैरा विच पाके घुंघरू

गोकुल बरसाना एहो नंदगांव ए,
एहो मधुबन एहो वृंदावन धाम ए,
राधा नाम था रस अज चखना, पैरा विच पाके घुंघरू

थकना, थकना ना अज असा झकना,
आंखदा मधुप अज जी भर नचना,
लोक लाज दा फवाड़ा ना कोई रखना, पैरा विच पाके घुंघरू

श्रेणी:

कृष्ण भजन

स्वर:

Sangeeta Kapur

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