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अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है

Apne Dill Ka Darwaja Hum Khol ke Sote Hain

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,
सपने में आ जाना कान्हा ये बोल के सोते है,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

सपने में आये तू कही आंख न खुल जाये,
बाते करते करते दिन रात निकल जाये,
इस दुनिया से हर नाता हम तोड़ के सोते है,
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

सपना टूटे मेरा सपने में खो जाऊ,
सपने की चाहत में मैं फिर से सो जाऊ,
जीवन की सारी ईशा हम छोड़ के सोते है,.
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

ये प्रेम हमारा श्याम बस इतना बढ़ जाये,
सपने में आने की तुझे आद्दत पड़ जाये,
बनवारी इन हाथो को हम जोड़ के सोते है
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है,

श्रेणी:

कृष्ण भजन

स्वर:

Sunita Khosla ji

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