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उलझी कान्हा से नजरिया कैसे सुलझे

Uljhi kanha se najaria kaise suljhe

उलझी कान्हा से नजरिया कैसे सुलझे
कैसे सुलझे रे कोई पुछे रे हम से
सुरत उसकी भोली भाली
बडे बड़े दो नैना
प्यारी प्यारी छवि दिखा के
ले गयौ दिल का चैना
मेरी छोटी सी उमरिया कैसे सुलझे
कैसे सुलझे रे कोई पुछे रे हम से
उलझी कान्हा-----------------

रुप सलौन ब्रिज का छौना
नटवर छैल बिहारी
गुउवे चरावे बन बन डोले सावरिया गिरधारी
मैं तो हौ गयी रे बवरिया कैसे सुलझे
उलझी कान्हा से नजरिया--------------

पानी भरण को घर से निकली
ओढ के लाल चुनरिया
जमुना के तट पे वंशी वट पे मिल गयौ रे सावरिया
मेरी फोड़ी रे गगरिया कैसे सुलझे
उलझी कान्हा----------------

ना पण्डित ना ज्ञानी ध्यानी ना मै चतुर सुजान
ललित किशोरी कह कर जोरि
दर्शन दे घनश्याम
ले के हाथो मे बांसुरीया ऐसे सुलझे
ऐसे सुलझे रे कोई पुछे रे हम से
उलझी कान्हा से नजरिया कैसे सुलझे।

श्रेणी:

कृष्ण भजन

स्वर:

Pooja taneja Ji

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