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तेरे कारण, तेरे कारण तेरे कारण मेरे मोहन जाग के फिर सो गयी सपनों में खो गयी

Tere karan tere karan tere karan mere mohan

तेरे कारण, तेरे कारण तेरे कारण मेरे मोहन जाग के फिर सो गयी सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को मैं तेरी हो गयी रे संवरियाे तेरे कारण, तेरे कारण ... आजा ...

प्रीतम कितना ही बुलाये न जानू लाज ने रोका पर आधी रात में उठके उठके मिलते ही मौका ये गयी वो गयी सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को ...

मैंने तो यह सोचा था कलूए से मिल आऊँगी पल दो पल ठहर के जळी मैं वापस आ जाऊँगी श्याम मिलन को गयी तो सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को ...

रंग लाया चोरी चोरी ये मिलना तेरा मेरा रातों का पता चला न बातों में हुआ सवेरा हाय! नींद मेरी तो गयी सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को ...

श्रेणी:

कृष्ण भजन

स्वर:

Musical दिवाकर

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