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बरसाने बुला लो ना

Barsane bula lo na

बरसाने बुला लो ना, तेरी दासी तड़पती है
मेरी तो श्यामा जू जां तुझ में बसती है

एक बार कृपा करके बरसाने बुला लो ना,
आंचल में छुपा करके सीने से लगा लो ना,
तुमसे ही तो मैं हूं नहीं मेरी कोई हस्ती है,
मेरी तो श्यामा जू जां तुझ में बसती है

एक तुम ही तो हो मेरी, नहीं और कोई दाता है,
अब तेरे सिवा लाडो नहीं मोहे कोई भाता है
झूठ रिश्तो से तो तेरी दासी ये डरती है,
मेरी तो श्यामा जू जां तुझ में बसती है

अब बहुत हुआ लाडो अब कहीं नहीं जाना है,
इस दासी को रज में रज बन कर मिल जाना है,
यह अंतिम इच्छा है नहीं फिर कोई विनती है ,
मेरी तो श्यामा जू जां तुझ में बसती है

#bhajan potli

श्रेणी:

विविध भजन

स्वर:

Sangeeta Kapur

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