लै गई लै गई रे हमारो दिल चीर कन्हाईया तेरी बासुरिया
Le gai le gai re hamaro dil chir
लै गई लै गई रे ,,,,2,,हमारो दिल चीर कन्हैया तेरी बांसुरिया
कन्हाई या तेरी बासुरिया ओ लाला तेरी बासुरिया
एक दिन मै सुबह सवेरे दही बिलो वन लागी
हां मैं दही बिलो बन लागी हां मैं दही बिलोवन लागी
माखन तो मैं काड ना पाई बैरन मुरली बाजी
वो तो बाजी रे ,,,ओय ओय ,,, वो तो बाजी रे बड़ी घन घोर कन्हैया तेरी बांसुरिया
देवी पूजन में चली ले पूजा की थाल
मंदिर तक मै पहुंच ना पाई ,,बीच मिले नंदलाल
मेरी दही रे ,,,ओय ओय ,,मेरी दही रे बईया तो मरोड कन्हैया तेरी बांसुरिया
सुबह सवेरे जल भरने को यमुना तट जाऊं
यमुना तट पे जाऊ मै यमुना तट पे जाऊ
मुझसे पहले ग्वाल बाल संग, कान्हा जी को पाऊ
मेरी दई रे ,,,ओय ओय मेरी दई रे मटकिया फोड कन्हाई या तेरी बासुरिया
एक बात मेरी सुन ले कान्हा फिर मैं फिर ना पाऊं
जब जब बाजे तेरी मुरलिया दौड़ी-दौड़ी आऊ
मेरा दिल पे,,,ओय ओय ,,, मेरा दिल पे नहीं है कोई जोर कन्हैया तेरी बांसुरिया
ले गई ले गई रे,,,, ले गई ले गई रे ,,,,हमारो दिल चीर कन्हाई या तेरी बासुरिया
श्रेणी:
कृष्ण भजन
स्वर:
Anita sobti
