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वृंदावन बांके बिहारी बरसाने राधा प्यारी
Vrindavan banke Bihari barsane Radha pyari
वृंदावन बांके बिहारी बरसाने राधा प्यारी,
दोनों में बसी है मेरी जान दोनों है एक समान
नाचूंगी जोगन बनके ब्रज के हर कुंजकुंज में,
ढूढूंगी इन दोनों को गलियों के कुंज कुंज में,
बीत जाए जीवन तमाम, मन में लियो है ये ठान
दुनिया जो कहती पहले कब ना ये बोली पहले,
अब ना छोडूंगी बृजधाम, जब तक है मेरे तन में प्राण
वृंदावन बड़ा रंगीला बरसाना बड़ा रसीला,
ठाकुरजी घर-घर जाकर करते हैं अद्भुत लीला,
रटे जो किशोरीजी का नाम, दे दे ना प्रेम भक्ति भाव
वृंदावन श्री निधिवन है बरसाने में घेवर वन,
निधिवन में मुरलीबाजे, घेवर में पायल छमछम
लालजू दबाये उनके पांव, हरिदासी कहती राधे श्याम
#bhajan potli
श्रेणी:
कृष्ण भजन
स्वर:
Sangeeta Kapur
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