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देश भक्ति गीत

Desh bhakti geet

है अपनी यह पहचान बस्ती है इसमें जान तिरंगा कितना सुंदर है
सौगंध मुझे इस मिट्टी की
ये आन तिरंगा है यह शान तिरंगा है
तेरी मिट्टी में मिल जावां गुल बनके मैं खिल जावां
ए वतन ए वतन हमको तेरी कसम
ओह देश मेरे तेरी शान पे सदके कोई धन है क्या तेरी धूल से बढ़ के
कितना प्यारा मेरा झंडा निराला जी करे देखता रहू
है अपनी ये पहचान बसती है
हम इंडिया वाले
उठो जवान देश की वसुन्धरा पुकारती
नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ
मेरे प्यारे वतन तुझको शत-शत नमन
ए माँ तेरे बच्चे कई करोड़
ऐ मेरे वतन के लोगों
यहाँ हर कदम कदम पे धरती बदले रंग
नीले नभ में उड़े तिरंगा, हवा के झोंके से
26जनवरी आई खुशियाँ मनाओ रे
कुछ कर गुजरने को खून चला खून चला
माई तेरी चुनरिया लहराई
छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी
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