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कृष्ण भजन

जरा जल्दी से आजा सांवरिया तेरी भक्ति की ओढ़ी चुनरिया
पिले पीताम्बर वालेया मैं केहनी आ,
सईयो नंद जी लाल चले ठुमक ठुमक चाल
ना जी भर के देखा ना कुछ बात की बडी आरजू थी मुलाकात की,
बाजरे दा ढोडा धनेहथा ते पका लैया
यमुना किनारे मेरे शाम दा डेरा
न रोलियो न रोलियो मेरे बांके बिहारी न रोलियो
यमुना किनारे मेरे शाम दा डेरा
भंगता नू मस्त बनावे नी मेरा हारावाला
न यूँ घनश्याम तुमको दुःख से घबरा कर के छोडूंगा,
एक तू जो मिला सारी दुनिया मिली,
गेड़ा मार जा पंजाबियां दे वेडे वृंदावन रहन वालया
तेरे कारण, तेरे कारण तेरे कारण मेरे मोहन जाग के फिर सो गयी सपनों में खो गयी
रंग चढ़ेया मेरे श्याम सादे ते तेरा रंग चढ़ेया
मैया जब मैं घर से चलूँ बुलामें घर में ग्वालिन मोय॥
नीवा होके चल वे रब नीवीआ नू मिल्दा
बन्नो गठरी चलो वृंदावन चलिए
सपने में देखी रे, कन्हैया तेरी सुरतिया,
देखो हो गया कमाल सखियों दिल ले गया गोपाल
वृन्दावन दा चोर साडे वेडे आ वडया
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