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देवी भजन

Devi Bhajan

अज नचना मैया जी दे वेहड़े ढोल तू बजा दे ढोलियां
अंखा थक गईया तक तक राह
मैं जब भी पुकारूं मां, तुम दौङी चली आना
लाल रंग चढया गुलाबी रंग चढया
कौन जाने मईया रानी, जाने किस पे कृपा कर दे,
माऐ नी माऐ ताडी करमा वाले मारदे
शेरांवाली बुला लो मुझे भी द्वारे आने के काबिल नही हूँ
मेरी मैया ने ओडी है लाल चुनरी थोड़ी केसरिया थोड़ी सी लाल चुनरी
मैय्या का ये रूप सुहाना लगता है
असा लड़ तेरा फडेया मां वैष्णो रंग नाम वाला चड़ेया मां वैष्णो
जिन्हां दे सिर उत्ते हाथ मैय्या दा उन्हानु कादा डर वे लोकों
मैय्या का ये रूप सुहाना लगता है
मैरी माॅ दे नवरात्र आये पगता नू पा दो चिठठीया
मेरी मां नु गिनती नहीं आंदी
हुण आजा मेरी महारानी
मैं ता मैया जी दे दर उते जाना
मंदिर मे मैया हनुमंत से झगडी
आज सजया ए दरबार मात मेरी आएगी
अज खुशिया दे वेड़े तेरे करके
भवना दा नजारा लगदा बड़ा प्यारा
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