top of page

देवी भजन

​

जे तू ना फडदी बाँह असा रूल जाना सी
मैया जी सानु भूल ना जावी साड़े वल फेरा पावी
बाजी सांसों की शहनाई, मैया निर्धन के घर आई,
मायें नी मेरी वार क्यों लगाइए ने देरियाँ,
मैया मुझे मालूम नहीं तुम्हें कैसे सजाया जाता है
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे...
तुम्हारे प्यार के नगमे मैं दुनियां को सुनाती हुं।
किथे चली मां शेर सजा के जंगलां नु
दे चरनां दा प्यार माये नी मैनू रख ले सेवादार
दिल्ली शहर में, हरी नगर में, मंदिर बना है बड़ा प्यारा, संतोषी माँ का
बेटियां क्यों पराई है
मगीं मैं मुराद सदा तेरे कोलो लई ऐ
मुझे मैया ने बहुत कुछ दिया है, तेरा शुकरियाँ माँ बड़ा शुकरियाँ है,
कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना
अंबे मांँ द्वार खुलवाओ, तेरी पूजा को आया हूँ,
रंग बरसे, रंग बरसे दरबार मैया जी तेरे रंग बरसे ।
आँखों में हों आंसू और होठों पे माँ का नाम
देदे थोडा प्यार मैया तेरा क्या घट जाएगा।
मैं चढ़दी जावा माँ तेरियां पहाड़िया
भगतो के घर कभी आजा शेरावाली
bottom of page