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राम भजन

राम कहने से तर जाएगा,
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
आज राम मेरे घर आए
सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आए हैं
धोबी के घर हुई तकरार,
राम के चरणों में जो भी आ गया,
आज राम लियो अवतार बोलो जय जय राम
बल्ले बल्ले बधाई सारे भगता नू
श्री राम जय राम जय जय राम| - दोहे
राम राम बोलो प्यारे राम राम बोल
मेरी कुटिया के खुल गए भाग मेरे घर राम आ गए
राम जी के नाम ने तो पाथर भी तारे
राम आ जाणगें फेरा पा जाणगे घर मेरे,
रंग वाले देर क्यों है मेरा चोला रंग दे
सजा दो घर को गुलशन सा, अवध में राम आए हैं,
चंदन के पलने में झूले रघुराई,देख-२ हरषाये कौशल्या माई
नगरी हो अयोध्या सी,रघुकुल सा घराना हो
राम पिया मोरी रंग दे चुनरियाँ,रंग दे चुनरियाँ मोरी
श्री राम स्तुति
रामायण चौपाई - मंगल भवन, अमंगल हारी
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