top of page
Bhajan Potli
LYRICS
STORIES
कृष्ण भजन
कंद नाल बैके शामा गला करा तेरिया
मोरा वे मैनू पंख दे दे अपने
इक दिन सांवरे नाल अंख लग गई
बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके बृजबाला ।
उड उड कावा वृन्दावन नूजाई वे
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने
मेरे नटवर कृष्ण कन्हैया तट यमुना के रास रचैया
हम सब मिलकर आये दाता तेरे दरबार,
तैनू घुंट के कलेजे नाल ला लवा कलेजे ठंड पाण वालयां..मन मोहना
हारावाला साडा साई वे असां ला लईयाँ यारियाँ
तुम मुरली मधुर बजाओ ,मैं प्रेम से नाँचू गाँऊ
नी मैं लावां लईयाँ हारावाले दे नाल
दीनानाथ दीनबंधु तूने नाम धराया कैसा
मैंने जो देखा श्याम को दीवाना हो गया,
तेरी अंखिया हैं जादू भरी, बिहारी मैं तो कब से खड़ी ।
राधा तकदी ए गलियां दे मोड़, कि आज मेरे श्याम ने आना
काजल टिको लगवाले नून राई करवा ले
इक दिन काहना शोर मचाये, पेट पकड़ चिलाये
पधारो राधा संग सरकार,
जब छोड़ चलू इस दुनिया को, होंठो पे नाम तुम्हारा हो,
bottom of page