top of page

कृष्ण भजन

सांवरिया मन भाय गयो री
चंदन का है पलना
हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे
सूनी है गोकुल नगरिया आजा आजा सांवरिया
दिल में बसा हुआ है मेरे प्यार आपका
ऐसी हालत हो गई मेरी सांवरिया के प्यार में
हमारे श्याम आज दूल्हा बने है
श्याम के नैना कजरारे सखी री मोपे जादू सो डारे
मैली चादर ओढ़ के कैसे
जीजी दिल लेगो मुरलिया वारो
प्रीत मोहन से की इस भरोसे पे की
यह तो प्रेम की बात है उधो
क्यूँ घबराऊ मै, मेरा तो श्याम से नाता है
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे
पिला दे हरि नाम की मस्ती
बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं
लड़े नैन मोहन दे नाल मैं कमली हो गई हां
मन बस गयो नंदकिशोर कि अब जाना नहीं कहीं और
मुरली बजा के मोहना क्यों कर लिया किनारा
तू इतना प्यारा है खुद चांद कहे तुझसे तू चांद हमारा है
bottom of page