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Bhajan Potli
LYRICS
STORIES
कृष्ण भजन
हमारे दो ही रिश्तेदार
वे श्यामा तेरे दरस दी मारी मैं जोगन हो गई हा
मेनू ब्रिज दे सपने आंदे
घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है
दिल मेरा ले गया सांवरिया
मुरली की हर तान पर राधा का नाम सजे रे
राधिका गोरी से बृज की छोरी से
आ जा कलयुग में लेकर अवतार ओ मोहन
मुझे चरणों से लगा ले ओ श्याम मुरली वाले
घनश्याम मदन मोहन
नैन से नैन अब तो मिलाओ
मुझे बांके बिहारी ने बुलाया
सांवली सूरत पे मोहन दिल दीवाना हो गया
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