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Bhajan Potli
LYRICS
STORIES
कृष्ण भजन
तेरी अखिया है जादू भरी बिहारी मैं तो कब से खङी
के लीला तेरी तू ही जाने
बाजे बाजे रे बधाई मैया तेरे अंगना
एक बार वृंदावन आकर तो देखो
सबसे ऊंची प्रेम सगाई
आरती कुंज बिहारी की
भज ले हरि का नाम
श्री भागवत भगवान की है आरती
वृन्दावन चिठिया पावागे दिल लै गया मुरली वाला
मैं नचदी गाऊन दी आई मैनू दैयो बधाई
कृष्ण गोविंद गोविंद : एकादशी संकीर्तन
सामने होवे यार तो नचना पैंदा ए
सोणे मुखडे दा लेण दे नजारा नी तेरा केड़ा मूल लगदा
प्यार नाल ना सही ग़ुस्से नाल वेख लया कर
है जरूरत प्रेम की भगवान पाने के लिए
आरती कुंज बिहारी की
श्री भागवत भगवान की है आरती
मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर
ओ मेरे बांके सनम तुमको मेरी कसम
पधारो राधा संग सरकार
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