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कृष्ण भजन

तेरी अखिया है जादू भरी बिहारी मैं तो कब से खङी
के लीला तेरी तू ही जाने
बाजे बाजे रे बधाई मैया तेरे अंगना
एक बार वृंदावन आकर तो देखो
सबसे ऊंची प्रेम सगाई
आरती कुंज बिहारी की
भज ले हरि का नाम
श्री भागवत भगवान की है आरती
वृन्दावन चिठिया पावागे दिल लै गया मुरली वाला
मैं नचदी गाऊन दी आई मैनू दैयो बधाई
कृष्ण गोविंद गोविंद : एकादशी संकीर्तन
सामने होवे यार तो नचना पैंदा ए
सोणे मुखडे दा लेण दे नजारा नी तेरा केड़ा मूल लगदा
प्यार नाल ना सही ग़ुस्से नाल वेख लया कर
है जरूरत प्रेम की भगवान पाने के लिए
आरती कुंज बिहारी की
श्री भागवत भगवान की है आरती
मैं तो गोवर्धन को जाऊं मेरे वीर
ओ मेरे बांके सनम तुमको मेरी कसम
पधारो राधा संग सरकार
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