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कृष्ण भजन

सांवरे को दिल में बसा कर तो देखो
हमें तो जोगनिया बनाए गयो रे
ओ कान्हा अब तो मुरलीकी मधुर सुना दो तान
हे गोपाल राधे कृष्ण गोविंद गोविंद
भावे तोबा करो लख वार
नी मेनू याद बिहारी जी दी आवे
मन एक बार आजा गिरिराज की शरण में
कान्हा रे थोड़ा सा प्यार दे
दरबार हजारों देखे हैं
हे परमपिता परमात्मा कर सब दुखा दा खात्मा
मुझे रास आ गया है तेरे दर पर सर झुकाना
दिल लुटिया पता भी ना चलेया
राधे राधे बोल श्याम आएंगे आएंगे श्याम आएंगे
कई जन्मों से बुला रही हूं कोई तो रिश्ता जरूर होगा
तेरी खातिर कन्हैया मैं जोगन बनी
ऐसो रास रचो वृंदावन है रही पायल की झंकार
मेरा दिल अटका सांवरिया पर
ओ पालनहारे निर्गुण और न्यारे
जे श्यामा तू है नंदगांव दा मैं भी जटिया पंजाब दी
कान्हा खो गया दिल मेरा तेरे वृंदावन में
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