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कृष्ण भजन

मैंने जबसे हरि जी तेरा नाम लिया अभिमान दिखाना छोड़ दिया
तुम अगर बक्श देने का वादा करो
आजा कान्हा खेडिये लुकन छपाईया
हाराँ वाले ने लुट लय्या दिल मेरा
राधे राधे गा लै फिर मौजा ही मौजा
सैय्यो नी मेरा शाम काले रंग दा
तेरे चरणा च जोड़ी प्रीत वे में तां जग दी भुलियाँ रीत वे
बूटी हरि के नाम की सबको पिलाके पी ।
मैनू बडा ही प्यारा लगदा नी माॅ बंसरी वाला
नइयो लगदा हाय दिल तेरे बिना नहीं लगदा
किवे मुख्डे तो नजरा हटावां के तुहियो मैनु रब दिस्दा।
बंसी वालङेया अखियां तेरे नाल लङियां
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम
आजा शामा वे तैनू मखन खॅवागी
ढोल बजावे ढोलया नंद घर लाला हो लिया
तुम्ही मेरी नैया तुम्ही हो खिवैया, सम्भालो कन्हैया
कितना प्यारा है सिंगार, की तेरी लेहूं नज़र उतार,
हरि जी मेरी लागी लगन मत तोड़ना
मैंने माना कि दिल ये बुरा है, दिल ये तेरा बनाया हुआ है|
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन
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