top of page
Bhajan Potli
LYRICS
STORIES
कृष्ण भजन
कन्हा धीरे से खीचो आँचल पाव जमुना मे मेरा फिसल जायेगा
मांगा है मैंने श्याम से वरदान एक ही
उलझी कान्हा से नजरिया कैसे सुलझे
दिल लाना ऐ ते ला ले मेरे श्याम सुन्दर दे नाल, श्याम सुन्दर दे नाल मेरे मनमोहन दे नाल,
मन्ना सांवरे नु किस तरह पाई दा पहले अपना आप गवाई दा
ऐकली खड़ी रे मीरा बाई एक्ली खड़ी
सांवरिया ले चल परली पार जहां विराजे राधा रानी मेरी अलबेली सरकार
रखना सुहागन बाके बिहारी.चरणों में तेरे ये है अर्जी हमारी,
सोना वेख के नजारा वृन्दावन दा
मनहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना भूल जाने के काबिल नहीं है
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी
शाम सवेरे हर पल राधे राधे गाऊनेऑ
ऐसी हालत हो गई मेरी सांवरिया के प्यार में
बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे
छाप तिलक सब छीनी रे तोसे नैना मिला के
हसाके क्यों रुलाया रे रुलाया वो कन्हियाँ, ठाकुर मेरे ठाकुर मेरे
सोने सोने ठाकुरा वे बल्ले बल्ले नच नच सानू वी नचाई जा
हुन ना तोड़ी श्यामा वे, मेरे प्रेम वाली डोर
कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना
bottom of page