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कृष्ण भजन

सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आए है
मेरो कान्हा गुलाब को फूल किशोरी मेरी कुसुम कली
मिल गए मिल गए आज मेरे मोहन आज मेरे जमी पर नहीं है कदम
मोहन की प्राण अधारा मन मोहिनी की राधा
होए होए जन्मदिन कान्हा का
तेरी मुरली दी मीठी-मीठी तान ते
जब छोड़ चलु इस दुनिया को होठों पर नाम तुम्हारा हो
तेरी मुरली की मैं हूं गुलाम मेरे अलबेले श्याम
तेरे प्यार ने कन्हैया पागल बना दिया है
ले गई ले गई रे हमारा चितचोर कन्हैया तेरी बांसुरिया
चितचोर मेरो माखन खाय गयो रे
लड़ फड़के तेरा श्यामा दर छडिया नी जांदा
सज मत श्याम नजर लग जाएगी
श्याम बड़े चितचोर बोलो राधे राधे
कान्हा वे असा तेरा जन्मदिन मनावना
मेरे बांके बिहारी लाल तू इतना ना करियो सिंगार
हाल क्या है दिलों का ना पूछो मोहन आपका मुस्कुराना गजब हो गया
हमको यह तो बता दो कन्हैया तेरा जलवा कहां पर नहीं है
भक्तों के घर भी सांवरे आते रहा करो दर्शन के नैना बावरे दर्शन दिया करो
आना जी मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी
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